क्या सिर्फ़ योग करके आप तंबाकू की लत से छुटकारा पा सकते हैं? डॉ. गौतम शर्मा, डायरेक्टर of अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली, के नेतृत्व में हुई एक नई अध्ययन इसी प्रश्न का उत्तर देने की कोशिश कर रहा है। 17 जून 2026 को 'आज तक' द्वारा प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि योग धूम्रपान और तंबाकू छोड़ने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

यह खबर उन लाखों लोगों के लिए एक राहत का संदेश हो सकती है जो सालों से इस विषैली आदत से जुझ रहे हैं। लेकिन क्या यह वास्तव में इतना आसान है? चलिए, इस वैज्ञानिक खोज और इसके पीछे के तर्कों को गहराई से समझते हैं।

629 प्रतिभागियों पर किया गया व्यापक अध्ययन

इस रिसर्च की सबसे बड़ी ताकत उसकी विस्तृत पद्धति है। डॉ. शर्मा की टीम ने कुल 629 व्यक्तियों पर सात अलग-अलग ट्रायल्स किए। ये ट्रायल्स इस उद्देश्य से डिज़ाइन किए गए थे कि यह देखा जा सके कि क्या योग करने वाले समूह और बिना योग वाले समूह के बीच धूम्रपान छोड़ने की दर में कोई महत्वपूर्ण अंतर है।

परिणाम काफी रोचक थे। हालांकि सभी सातों ट्रायल्स में परिणाम एक जैसे नहीं थे, लेकिन समग्र रूप से यह देखा गया कि जिन लोगों ने नियमित रूप से योग किया, उनमें धूम्रपान छोड़ने की संभावना उन लोगों की तुलना में अधिक थी जिन्होंने योग नहीं किया। यह संकेत करता है कि योग एक सहायक उपचार के रूप में काम कर सकता है, भले ही यह एकल समाधान न हो।

मानसिक स्वास्थ्य और निकोटीन की लालसा

यहाँ एक दिलचस्प पहलू सामने आता है। अध्ययन से यह भी संकेत मिला कि योग का असर केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक स्तर पर भी होता है। रिपोर्ट के अनुसार, योग अवसाद (Depression) और मानसिक तनाव को नियंत्रित करने में मदद करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब मानसिक शांति मिलती है, तो निकोटीन की "तलब" या इच्छा कम होने लगती है। सरल शब्दों में, यदि आपका दिमाग तनावमुक्त है, तो आपको तंबाकू की ओर बढ़ने की भावनात्मक जरूरत कम महसूस होती है। यह वह कड़ी है जो अक्सर उपचार में नजरअंदाज कर दी जाती है।

तंबाकू छोड़ना क्यों इतना मुश्किल है?

एक विशेषज्ञ ने यूट्यूब पर अपने वीडियो में एक चौंकाने वाला तथ्य बताया। उन्होंने कहा कि अगर 100 लोग तंबाकू छोड़ने की कोशिश करते हैं, तो केवल 2 या 3 लोग ही बिना किसी बाहरी मदद के सफल होते हैं। शेष 97-98% लोगों को किसी न किसी प्रकार के उपचार या मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

डॉ. बिमल छाजेर, जो हृदय रोग विशेषज्ञ हैं, ने इस बात पर जोर दिया कि तंबाकू हृदय की धमनियों को अंदर से "स्टिकी" बना देता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल और फैट जम जाता है। इसलिए, इसे छोड़ना केवल एक आदत बदलना नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाला कदम है।

शरीर में होने वाले बदलाव: एक समयरेखा

धूम्रपान छोड़ते ही शरीर में सकारात्मक बदलाव शुरू हो जाते हैं। मैक्स हेल्थकेयर के अनुसार, यह प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होती है:

  • 20 मिनट बाद: हृदय गति और रक्तचाप स्थिर होने लगते हैं। हाथ-पैर गर्म महसूस होने लगते हैं क्योंकि रक्त परिसंचरण सुधरता है।
  • 12 घंटे बाद: रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर कम हो जाता है, जिससे ऑक्सीजन का स्तर सामान्य हो जाता है।
  • 24-48 घंटे बाद: स्वाद और गंध की इंद्रियां बेहतर होने लगती हैं। हालांकि, इस दौरान निकोटीन विघटन (withdrawal) के लक्षण चरम पर हो सकते हैं।
  • 1 सप्ताह बाद: श्वसन नलिकाएं ढीली होती हैं और फेफड़ों से बलगम बाहर निकलने लगता है, जिससे ऊर्जा का स्तर बढ़ता है।

तंबाकू छोड़ने के लिए व्यावहारिक सुझाव

केवल योग पर निर्भर रहने के बजाय, एक बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाना बेहतर होता है। विशेषज्ञों द्वारा दिए गए कुछ मुख्य सुझाव इस प्रकार हैं:

  1. निश्चित तिथि चुनें: अपने जन्मदिन या नए साल जैसे किसी खास दिन को तंबाकू छोड़ने की तिथि घोषित करें।
  2. समर्थन ग्रुप बनाएं: परिवार और दोस्तों को बताएं कि आप छोड़ रहे हैं। उनकी प्रार्थनाएं और प्रोत्साहन बहुत काम आते हैं।
  3. क्राविंग्स (Cravings) से निपटें: जब तंबाकू की इच्छा हो, तो सूखे आंवले, सौंफ, इलायची या लौंग चबाएं। गहरी सांस लेने (Deep Breathing) और ध्यान (Meditation) का अभ्यास करें।
  4. स्वस्थ आहार: अधिक पानी पिएं, फल और हरी सब्जियां खाएं। शाम के समय कैफीन से बचें ताकि नींद अच्छी आए।
  5. शारीरिक गतिविधि: रोजाना कम से कम 30 मिनट तेजी से चलें।

याद रखें, चाहे वह सिगरेट हो, हुक्का, गुटखा या वेपिंग—तंबाकू का कोई भी रूप शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल जैसे संस्थानों ने भी विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि तंबाकू छोड़ना ही जीवन की गुणवत्ता में सुधार का एकमात्र रास्ता है।

Frequently Asked Questions

क्या केवल योग करके सिगरेट छोड़ना संभव है?

AIIMS के अध्ययन के अनुसार, योग धूम्रपान छोड़ने की संभावना को बढ़ाता है, लेकिन यह एकमात्र समाधान नहीं है। यह मानसिक तनाव और अवसाद को कम करके निकोटीन की लालसा को नियंत्रित करने में मदद करता है। सर्वोत्तम परिणामों के लिए इसे अन्य उपचारों और जीवनशैली परिवर्तनों के साथ मिलकर अपनाना चाहिए।

धूम्रपान छोड़ने के बाद शरीर में पहले बदलाव कब होते हैं?

धूम्रपान छोड़ने के केवल 20 मिनट के भीतर ही हृदय गति और रक्तचाप में सुधार शुरू हो जाता है। 12 घंटों के भीतर रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य हो जाता है, और 24-48 घंटों के भीतर स्वाद और गंध की इंद्रियां बेहतर होने लगती हैं।

तंबाकू छोड़ने में मन की तलब (Cravings) को कैसे कम करें?

तलब महसूस होने पर गहरी सांस लें, ध्यान करें, या सूखे आंवले, सौंफ, इलायची और लौंग जैसे प्राकृतिक विकल्पों का उपयोग करें। परिवार और दोस्तों से बात करना और शारीरिक गतिविधियों जैसे तेज चलने में शामिल होना भी इस लालसा को दूर करने में मददगार साबित होता है।

क्या अधिकांश लोग बिना मदद के तंबाकू छोड़ पाते हैं?

नहीं, विशेषज्ञों के अनुसार 100 में से केवल 2 या 3 लोग ही बिना किसी बाहरी सहायता के तंबाकू छोड़ पाते हैं। शेष 97-98% लोगों को व्यवहारिक उपचार, चिकित्सीय सलाह या निकोटीन प्रतिस्थापन थेरेपी (NRT) जैसे उपचारों की आवश्यकता होती है।

AIIMS के इस अध्ययन में कितने लोगों पर शोध किया गया?

डॉ. गौतम शर्मा के नेतृत्व में इस अध्ययन में कुल 629 व्यक्तियों पर सात अलग-अलग ट्रायल्स किए गए। इन ट्रायल्स में योग करने वाले समूह और नियंत्रण समूह (बिना योग) के बीच धूम्रपान छोड़ने की दर की तुलना की गई थी।